Yogini Dashaa - य़ोगिनी दशा

Posted by admin 07/03/2016 0 Comment(s) Astrology,Mantras,

ज्योतिष में दशाओं की गणना में य़ोगिनी दशा एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है.  इसमें आठ प्रकार है  : मंगला, पिंगला, धान्या, भ्रामरी, भद्रिका, उल्का, सिद्धा व संकटा.

 

योगिनी दशा की कुल अवधि 36 वर्ष है, जिसमे मंगला की 1 वर्ष, पिंगला की 2 वर्ष, धान्या की 3 वर्ष, भ्रामरी की 4 वर्ष , भद्रिका की 5 वर्ष, उल्का की 6 वर्ष , सिद्धा की 7 वर्ष व संकटा की 8 वर्ष की दशा होती है

 

सामान्यत:  मंगला, धान्या, भद्रिका व् सिद्धा दशाएं  लाभकारी, व्

पिंगला, भ्रामरी, उल्का व संकटा दशाएं अनिष्टकारी कही गईं हैं. 

 


 

योगिनी दशाओं मे जपनार्थ मन्त्र 
yoginI dashaaoM me japanaarth mantra 

 

मंगला दशा के लिये मंत्र : 
ऒम ह्रीं मंगले मंगलायै स्वाहा
Om hrIM maMgale mMgalaayai svaahaa

 

पिंगला दशा के लिये मंत्र :
ऒम ग्लौं पिंगले वैरिकारिणी प्रसीद फ़ट स्वाहा
Om glauM piMgale vairikaariNI prasIda faT svaahaa

 

धान्या दशा के लिये मंत्र :
ओम श्रीं धनदे धान्यै स्वाहा
om SrIM dhanade dhaanyai svaahaa

 

भ्रामरी दशा के लिये मंत्र :
ऒम भ्राम्रि जगताम्धीश्वरी भ्रामरी क्लीं स्वाहा.
Om bhraamri jagataamdhIshvarI bhraamarI klIM svaahaa.

 

भद्रिका दशा के लिये मंत्र :
ऒम भद्रिके भद्रं देहि अभद्रं नाशय स्वाहा  
Om bhadrike bhadrM dehi abhadraM naashaya svaahaa  

 

उल्का दशा के लिये मंत्र :
ऒम उल्के मम रोगम नाशय जृम्भय स्वाहा. 
Om ulke mam rogam naashaya jRumbhaya svaahaa.

 

सिद्धा दशा के लिये मंत्र :
ऒम ह्रीं सिद्धे मे सर्वमानसं साधय स्वाहा.
Om hrIM siddhe me sarvamaanasM saadhaya svaaha.

 

संकटा दशा के लिये मंत्र:
ओम ह्रीं संकटे मम रोगम नाशय स्वाहा  
om hrIM saMkaTe mama rogam naashay svaahaa  

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